19 नवंबर, 2009

ऐसे भी होता है मछली का शिकार

राजस्‍थान के दक्षिणांचल वागड़ में मछली के शिकार का अनूठा पारंपरिक तरीका विद्यमान है। इसमें एक थाली के उपर कपड़ा बांधा जाता है और इस कपड़े के बीचों बीच मछली के आकार का छेद किया जाता है। थाली के कपड़े को भिगाकर इस छेद के चारो ओर आटा लगा दिया जाता है। इसके बाद इस थाली को छिछले पानी में जाकर रख दिया जाता है। आधे एक घण्‍टे के बाद थाली को निकाल कर देखा जाता है तो इसमे ढेर सारी मछलियां पकड़ में आ जाती है। इसके बाद इन मछलियों को धोकर भोजन में इस्‍तेमाल किया जाता है। अब आप खुद ही देखिये भला कैसे होता है ऐसा अनूठा शिकार ।


video

16 नवंबर, 2009

सर्द सुबह और कोहरा


फयान तूफान के बाद कुछ दिनों से अचानक ही आए मौसम में बदलाव ने अचानक ही सर्दी का अहसास करा दिया। गत दो दिनों से जिले में जहां अचानक ही लोगों को हाड़कपाने वाली सर्दी का अहसास कराया वहीं आज सुबह कोहरे ने भी अपना असर दिखाया। आज अलसुबह तो कोहरे के कारण जनजीवन अस्‍तव्‍यस्‍त हो गया और इस दौरान कुछ अलग अलग नजारे दिखाई दिए, उसी की बानगी प्रस्‍तुत है।